नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही स्वच्छ भारत अभियान का डंका पूरी दुनिया में बजा रहे हों, लेकिन हकीकत ठीक उससे अलग है। कैग (नियंत्रक व महालेखा परीक्षक) ने पीएम मोदी की इस महत्वकांझी योजना को सौ फीसदी फ्लॉप बताया है। कैग ने यह भी खुलासा किया कि यह अभियान पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के संपूर्ण स्वच्छता अभियान और निर्मल भारत अभियान का बदला हुआ नाम है। कैग ने अभियान की प्लानिंग को बहुत कमजोर बताया है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्वच्छ भारत अभियान या निर्मल भारत अभियान को शुरु करने से पहले ठीक से रिसर्च नहीं किया गया। भारत की स्वच्छता कैसे कायम हो सकती है। कैग के मुताबिक, शौचालयों की स्थिति का आकलन नहीं किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 प्रतिशत से ज्यादा घरों के शौचालय विभिन्न कारणों से खराब हैं। जिससे गंदगी फैल रही है। ग्रामीण स्वच्छता के नाम पर पिछले पांच सालों में सरकार ने लगभग 10 हजार करोड़ रुपए खर्च कर दिए। इन खर्चों में भी कई अनियमितता पाई गई है। आपको बता दें स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जिसका उद्देश्य देश को साफ-सुथरा रखना है। यह अभियान महात्मा गांधी के जन्मदिवस दो अक्टूबर 2014 को आरम्भ किया गया। मिशन का उद्देश्य 1.04 करोड़ परिवारों को लक्षित करते हुए 2.5 लाख समुदायिक शौचालय, 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय और प्रत्येक शहर में एक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा प्रदान करना है।
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